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BIHAR : जिनको कोर्ट में पेश होना था वो बतौर कानून मंत्री ले रहे थे शपथ, जानिए! दिलचस्प वाकया

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पटना:
बिहार में महागठबंधन ((Mahaagathabandhan Sarakaar) ) की नई सरकार का मंत्रिमंडल का गठन हो चुका है। इसमें कुल 33 मंत्री शामिल हैं। इनमें से 1 मंत्री इन दिनों खूब चर्चा में है। बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह (Kartikeya Singh) खूब सुर्खिया बटोर रहे हैं। दरअसल, उनपर अपहरण का केस दर्ज है जिसके लिए उन्हें 16 अगस्त को कोर्ट में सरेंडर करना था लेकिन, वे उस वक्त राज्यभवन में शपथ ग्रहण कर रहे थे। इस मामले को लेकर विपक्षी दल नीतीश कुमार पर हमलावर हैं।

नीतीश कुमार में तोड़ी चुप्पी
इस मामले में जब नीतीश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं थी। जब उनसे पूछा गया कि मंत्री कार्तिकेय सिंह पर वारेंट जारी है तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार ने अपने मंत्रियों के बारे में जाने बिना ही उनको मंत्रिमंडल सौंप दिया है। 

16 अगस्त को कोर्ट में होना था पेश
बता दें कि कार्तिकेय सिंह को 16 अगस्त को कोर्ट में पेश होना था। उन पर 2014 के हुए अपहरण केस का मामला दर्ज है। बिहार के मोकामा में इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया था। इसमें कुल 17 लोगों के नाम सामने आए थे जिनमें एक नाम कार्तिकेय सिंह का भी था। मिली जानकारी के अनुसार कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह  केस खारिज करने के लिए हाईकोर्ट तक गए थे लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें निचली अदालत में जाने को कहा था।


नीतीश मंत्रिमंडल में 22 मंत्री दागी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश मंत्रिमंडल में 22 ऐसे मंत्री हैं जिनपर पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। RJD के 16 मंत्रियों में 14 पर मामले चल रहे हैं। वहीं JDU के 11 में से 3 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर 11 केस दर्ज हैं। वहीं JDU की ओर से सबसे ज्यादा केस अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री जमा खान पर दर्ज है। उन पर तीन केस दर्ज है तो, वहीं संजय झा और मदन सहनी पर दो-दो केस है।